Question:

'ध्रुव यात्रा' कहानी का सारांश लिखिए। (अधिकतम 80 शब्द)

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कहानी का परिचय:
‘ध्रुवयात्रा’ हिन्दी के प्रसिद्ध कहानीकार जैनेन्द्र कुमार की मनोवैज्ञानिक कहानी है। इसके मुख्य पात्र राजा रिपुदमन, उर्मिला और आचार्य मारुति हैं।

चरण 2: सारांश (80 शब्दों में):
राजा रिपुदमन उत्तरी ध्रुव की विजय-यात्रा करके लौटता है। उसकी प्रेमिका उर्मिला उसे व्यक्तिगत सुख में बँधने नहीं देती और दक्षिणी ध्रुव की यात्रा के लिए प्रेरित करती है। वह विवाह के सामाजिक बन्धन को स्वीकार नहीं करती, क्योंकि उसके लिए प्रेम त्याग और ऊँचे लक्ष्य का नाम है। कहानी के अन्त में रिपुदमन के आत्मबलिदान का समाचार मिलता है।

चरण 3: अतिरिक्त बिन्दु (शब्द-सीमा से बाहर):
1. कहानी में प्रेम और कर्तव्य का द्वन्द्व दिखाया गया है।
2. उर्मिला का चरित्र दृढ़ और आदर्शवादी है।
3. शैली मनोवैज्ञानिक और भावप्रधान है।

निष्कर्ष:
यह कहानी बताती है कि सच्चा प्रेम मनुष्य को स्वार्थ से ऊपर उठाकर महान कार्य की ओर ले जाता है।
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