Question:

कार्य फलन वाले एक धातु के लिए, निम्नलिखित में से कौन-सी तरंगदैर्ध्यों की आपतित विकिरणें, प्रकाश-विद्युत प्रभाव नहीं दर्शाएँगी ? (प्लांक नियतांक 6.6 \( \times \) 10\(^{-34}\) J s लीजिए) 
 

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव की समस्याओं के लिए, \(E(\text{eV}) = 1240/\lambda(\text{nm})\) एक बहुत ही उपयोगी शॉर्टकट है जो गणना के समय को बचाता है।
Updated On: May 4, 2026
  • 200 nm
  • 150 nm
  • 100 nm
  • 50 nm
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The Correct Option is A

Solution and Explanation



Step 1: Understanding the Question:

हमें यह निर्धारित करना है कि दी गई तरंगदैर्ध्यों में से कौन सी तरंगदैर्ध्य एक धातु से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन नहीं कर पाएगी, जिसका कार्य फलन 6.6 eV है।


Step 2: Key Formula or Approach:

प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए, आपतित फोटॉन की ऊर्जा (E) धातु के कार्य फलन (\(\phi\)) से अधिक या बराबर होनी चाहिए।
\[ E \geq \phi \] फोटॉन की ऊर्जा का सूत्र है:
\[ E = \frac{hc}{\lambda} \] जहाँ h प्लांक नियतांक है, c प्रकाश की गति है, और \(\lambda\) तरंगदैर्ध्य है।
एक उपयोगी शॉर्टकट सूत्र है (जब \(\lambda\) नैनोमीटर में हो और E इलेक्ट्रॉन-वोल्ट में हो):
\[ E (\text{eV}) = \frac{1240}{\lambda (\text{nm})} \text{ या } E (\text{eV}) = \frac{1242}{\lambda (\text{nm})} \] इस प्रश्न में, हम \(hc\) के मान की गणना करेंगे:
\(h = 6.6 \times 10^{-34} \, \text{J s}\)
\(c = 3 \times 10^8 \, \text{m/s}\)
\(1 \, \text{eV} = 1.6 \times 10^{-19} \, \text{J}\)
\[ E(\text{J}) = \frac{(6.6 \times 10^{-34})(3 \times 10^8)}{\lambda(\text{m})} = \frac{19.8 \times 10^{-26}}{\lambda(\text{m})} \] \[ E(\text{eV}) = \frac{19.8 \times 10^{-26}}{1.6 \times 10^{-19} \times \lambda(\text{m})} \approx \frac{12.375 \times 10^{-7}}{\lambda(\text{m})} = \frac{1237.5}{\lambda(\text{nm})} \] हम गणना में आसानी के लिए \(E \approx \frac{1240}{\lambda}\) का उपयोग करेंगे।


Step 3: Detailed Explanation:

शर्त है: \( E \geq 6.6 \, \text{eV} \)।
\[ \frac{1240}{\lambda (\text{nm})} \geq 6.6 \] \[ \lambda (\text{nm}) \leq \frac{1240}{6.6} \approx 187.8 \, \text{nm} \] इसका मतलब है कि प्रकाश-विद्युत प्रभाव केवल तभी होगा जब तरंगदैर्ध्य 187.8 nm से कम या बराबर हो। इसे देहली तरंगदैर्ध्य (\(\lambda_0\)) कहते हैं।
अब हम प्रत्येक विकल्प की जाँच करते हैं:
(A) \(\lambda = 200 \, \text{nm}\): यह \( \lambda > 187.8 \, \text{nm} \) है। इस तरंगदैर्ध्य पर, फोटॉन की ऊर्जा कार्य फलन से कम होगी, इसलिए प्रकाश-विद्युत प्रभाव नहीं होगा।
(B) \(\lambda = 150 \, \text{nm}\): यह \( \lambda \leq 187.8 \, \text{nm} \) है। प्रकाश-विद्युत प्रभाव होगा।
(C) \(\lambda = 100 \, \text{nm}\): यह \( \lambda \leq 187.8 \, \text{nm} \) है। प्रकाश-विद्युत प्रभाव होगा।
(D) \(\lambda = 50 \, \text{nm}\): यह \( \lambda \leq 187.8 \, \text{nm} \) है। प्रकाश-विद्युत प्रभाव होगा।


Step 4: Final Answer:

200 nm की तरंगदैर्ध्य प्रकाश-विद्युत प्रभाव नहीं दर्शाएगी। यह विकल्प (A) से मेल खाता है।
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