Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न विलयनों के तनुकरण (dilution) और मिश्रण (mixing) के बाद उनकी अंतिम मोलरता (molarity) की गणना से संबंधित है।
हमें प्रत्येक चरण के बाद विलयन में उपस्थित विलेय (NaOH) के मोलों और विलयन के कुल आयतन पर नज़र रखनी है।
Step 2: Key Formula or Approach:
1. मोलों की संख्या (\(n\)) = मोलरता (\(M\)) \(\times\) आयतन (\(V\) लीटर में)
2. मिश्रण की अंतिम मोलरता:
\[ M_{\text{अंतिम}} = \frac{\text{कुल मोल}}{\text{कुल आयतन (लीटर में)}} \]
Step 3: Detailed Explanation:
• चरण 1 (प्रारंभिक अवस्था): 1.0 M NaOH के 100 mL (0.1 L) में उपस्थित मोल:
\[ n = 1.0 \times 0.1 = 0.1 \text{ मोल} \]
• चरण 2 (तनुकरण): इस विलयन का आयतन जल मिलाकर 1.0 L किया जाता है। अब सांद्रता 0.1 M हो जाती है, लेकिन मोलों की संख्या अभी भी 0.1 ही है।
• चरण 3 (आधा विलयन फेंकने पर): जब आधा विलयन (500 mL) फेंक दिया जाता है, तो बचे हुए 500 mL (0.5 L) विलयन में बचे हुए मोल:
\[ n_{\text{शेष}} = \frac{0.1}{2} = 0.05 \text{ मोल} \]
• चरण 4 (नया विलयन मिलाने पर): इसमें 0.5 M NaOH का 100 mL (0.1 L) मिलाया जाता है। नए मिलाए गए मोल:
\[ n_{\text{नया}} = 0.5 \times 0.1 = 0.05 \text{ मोल} \]
• चरण 5 (अंतिम मोलरता की गणना):
कुल मोल = \(0.05 + 0.05 = 0.10 \text{ मोल}\)
कुल आयतन = \(500 \text{ mL} + 100 \text{ mL} = 600 \text{ mL} = 0.6 \text{ L}\)
\[ M_{\text{अंतिम}} = \frac{0.10 \text{ मोल}}{0.6 \text{ लीटर}} = 0.167 \text{ M} \approx 0.17 \text{ M} \]
अतः, अंतिम सांद्रता 0.17 M होगी।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि गणना के अनुसार अंतिम विलयन की सांद्रता लगभग 0.17 M प्राप्त होती है।