व्यक्ति अर्थशास्त्र (माइक्रो) अर्थव्यवस्था की इकाइयों—उपभोक्ता, फर्म, उद्योग—का अध्ययन करता है: किसी वस्तु की कीमत/मात्रा कैसे तय होती है, फर्म का संतुलन, कारक‑मूल्य, कल्याण आदि। इसका उपकरण आंशिक संतुलन, माँग‑आपूर्ति, लोच, लागत तथा मूल्य सिद्धान्त है। समष्टि अर्थशास्त्र (मैक्रो) समग्र चर—राष्ट्रीय आय, समग्र माँग‑आपूर्ति, बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति, वृद्धि, भुगतान‑शेष, विनिमय दर—का अध्ययन करता है और सामान्य संतुलन, गुणक, त्वरक, IS–LM, AD–AS जैसे ढाँचों से नीति‑निर्णय निर्देशित करता है। माइक्रो संसाधनों के विभाजन एवं कुशलता पर बल देता है; मैक्रो स्थिरता व विकास पर। दोनों परस्पर पूरक हैं: माइक्रो के बिना मैक्रो की नींव और मैक्रो के बिना माइक्रो का संदर्भ अधूरा रहता है।