Question:

वामीरो के बार-बार इंकार और उपेक्षा के बाद भी तताँरा उससे अपना गाना पूरा करने का आग्रह करता रहा, यहाँ तक कि उसका रास्ता रोककर खड़ा हो गया। वर्तमान में यदि कोई ऐसा करे तो क्या आप उसे उचित मानेंगे?

Show Hint

अपना मत स्पष्ट लिखिए और कारण भी दीजिए। ध्यान रखिए कि भावना अच्छी होने भर से व्यवहार उचित नहीं हो जाता, सामने वाले की सहमति भी आवश्यक है।
Updated On: Sep 15, 2026
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Solution and Explanation

Concept:
  • यह मूल्यपरक प्रश्न है, इसमें केवल कहानी दोहराना काफी नहीं। अपना मत देकर उसका कारण भी बताना है।
  • ऐसे उत्तर में पहले पाठ की स्थिति, फिर आज का संदर्भ, और अंत में स्पष्ट निर्णय लिखना चाहिए।

Step 1: पाठ की स्थिति संक्षेप में रखिए।
‘तताँरा-वामीरो कथा’ एक लोककथा है। तताँरा वामीरो के सुंदर गीत से मुग्ध हो जाता है और बार-बार उससे गाना पूरा करने का आग्रह करता है।

Step 2: आज के संदर्भ में उसका व्यवहार परखिए।
आज के समय में किसी का बार-बार मना करने पर भी पीछा करना या उसका रास्ता रोककर खड़ा हो जाना उचित नहीं माना जा सकता।
यह दूसरे व्यक्ति की सहमति और स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

Step 3: कारण स्पष्ट कीजिए।
किसी को अच्छा लगना अपनी भावना है, पर उस भावना को दूसरे पर थोपने का अधिकार किसी को नहीं। मना कर देने के बाद भी आग्रह करते रहना सामने वाले के लिए भय और असुविधा पैदा करता है।
आज ऐसा व्यवहार सामाजिक रूप से अनुचित है और कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक माना जाता है।

Step 4: संतुलित निष्कर्ष दीजिए।
लोककथा में यह प्रसंग प्रेम की तीव्रता दिखाने के लिए है, पर उसे आज के जीवन का आदर्श नहीं बनाया जा सकता। सच्चा स्नेह वही है जो दूसरे की इच्छा का सम्मान करे।

Final Answer: नहीं, आज के समय में ऐसा व्यवहार उचित नहीं माना जाएगा। किसी के बार-बार मना करने पर भी आग्रह करते रहना और रास्ता रोक लेना उसकी सहमति और स्वतंत्रता का उल्लंघन है। लोककथा में यह प्रसंग प्रेम की गहराई दिखाने के लिए है, पर वास्तविक जीवन में सच्चा स्नेह दूसरे की इच्छा का सम्मान करने में ही है।
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