Step 1: Matching each catalyst with its function:
A. \( \text{V}_2\text{O}_5 \) (वैनेडियम पेंटोक्साइड):
यह संपर्क प्रक्रम (Contact Process) में एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक है, जिसका उपयोग सल्फ्यूरिक एसिड (\(H_2SO_4\)) के निर्माण के लिए किया जाता है। विशेष रूप से, यह सल्फर डाइऑक्साइड (\(SO_2\)) के सल्फर ट्राइऑक्साइड (\(SO_3\)) में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करता है।
\( 2\text{SO}_2 + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{V}_2\text{O}_5} 2\text{SO}_3 \)
A \(\rightarrow\) III.
B. Fe (आयरन):
आयरन का उपयोग हैबर-बॉश प्रक्रम (Haber-Bosch Process) में अमोनिया (\(NH_3\)) के संश्लेषण के लिए उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है, जिसमें नाइट्रोजन (\(N_2\)) और हाइड्रोजन (\(H_2\)) की अभिक्रिया होती है।
\( \text{N}_2 + 3\text{H}_2 \xrightarrow{\text{Fe}} 2\text{NH}_3 \)
B \(\rightarrow\) I.
C. \( \text{PdCl}_2 \) (पैलेडियम (II) क्लोराइड):
पैलेडियम क्लोराइड वैकर प्रक्रम (Wacker Process) में एक उत्प्रेरक है, जो एथीन (ethylene) को एथेनैल (acetaldehyde) में ऑक्सीकृत करता है। यह एथाइन (acetylene) को एथेनैल में ऑक्सीकृत करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
\( \text{CH} \equiv \text{CH} + \text{H}_2\text{O} \xrightarrow{\text{PdCl}_2/\text{CuCl}_2} \text{CH}_3\text{CHO} \)
C \(\rightarrow\) IV.
D. Ni संकुल (Nickel complex):
कुछ निकेल संकुल, जैसे Ziegler-Natta उत्प्रेरक के रूपांतर, एल्काइनों के चक्रीय बहुलकन (cyclic polymerization) को उत्प्रेरित करने के लिए जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए, एथाइन को निकेल उत्प्रेरक पर से गुजारने पर बेंजीन बनता है।
\( 3\text{CH} \equiv \text{CH} \xrightarrow{\text{Ni(CN)}_2} \text{C}_6\text{H}_6 \)
D \(\rightarrow\) II.
Step 2: Compiling the final match:
सही मिलान है:
A \(\rightarrow\) III
B \(\rightarrow\) I
C \(\rightarrow\) IV
D \(\rightarrow\) II
यह संयोजन विकल्प (D) में दिया गया है।