संघात्मक व्यवस्था की अन्य विशेषताओं में एक स्वतंत्र न्यायपालिका, द्विसदनीय विधायिका और एक कठोर संविधान (जिसे आसानी से संशोधित नहीं किया जा सकता) शामिल हैं।
संघात्मक व्यवस्था (Federal System) शासन की एक प्रणाली है जिसमें शक्तियाँ एक केंद्रीय प्राधिकरण और विभिन्न घटक इकाइयों (जैसे राज्यों या प्रांतों) के बीच विभाजित होती हैं। इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
शक्तियों का विभाजन (Division of Powers): संविधान द्वारा केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियों का स्पष्ट विभाजन होता है। दोनों सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वायत्त होती हैं। उदाहरण के लिए, भारत के संविधान में संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से शक्तियों का विभाजन किया गया है।
लिखित और सर्वोच्च संविधान (Written and Supreme Constitution): संघात्मक व्यवस्था में एक लिखित संविधान का होना अनिवार्य है, जो देश का सर्वोच्च कानून होता है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को अपनी शक्तियाँ इसी संविधान से प्राप्त होती हैं और उन्हें इसके प्रावधानों के अनुसार ही कार्य करना होता है। संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका भी होती है।