चरण 1: सिद्धान्त।
अनेक मानवीय गुण (बुद्धि, व्यक्तित्व आयाम) आमतौर पर प्रकार में नहीं बल्कि मात्रा/डिग्री में अलग-अलग होते हैं—degree, not kind।
चरण 2: लागू करें।
अतः सामान्य–असामान्य–श्रेष्ठ में भेद मात्रात्मक है, न कि दूरी/क्रम/समय का।
निष्कर्ष: मात्रा का अंतर।