सहज अलंकार की परिभाषा और उदाहरण लिखिए।
सहज अलंकार वह अलंकार है जो स्वाभाविक रूप से वाक्य में बिना किसी विशेष प्रयोग के उपस्थित होता है। यह अलंकार कविता या गद्य में स्वाभाविक रूप से समाहित होता है।
उदाहरण:
- "आसमान में चाँद चमक रहा है" में 'चाँद' का रूपक अलंकार सहज अलंकार का उदाहरण है।
- "सूरज की किरणें धरती पर बिखर रही हैं" में सूरज की किरणें सहज अलंकार के रूप में प्रस्तुत हैं।
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