Question:

पंचानन पद समास के किस भेद का उदाहरण है?

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विग्रह करके देखिए कि अंत में जिसके या वह जैसा शब्द आता है या नहीं। यदि किसी तीसरे का बोध हो तो समास बहुव्रीहि है, द्विगु नहीं।
Updated On: Sep 15, 2026
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Solution and Explanation

Concept:
  • बहुव्रीहि समास में न पहला पद प्रधान होता है और न दूसरा, बल्कि दोनों मिलकर किसी तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं।
  • वह तीसरा अर्थ प्रायः कोई व्यक्ति, देवता या वस्तु होती है जिसका नाम समस्तपद में कहीं नहीं आया।

Step 1: पद को तोड़कर शब्दार्थ देखिए।
‘पंचानन’ में दो पद हैं – पंच अर्थात पाँच, और आनन अर्थात मुख।
शब्दार्थ हुआ, पाँच मुख।

Step 2: जाँचिए कि क्या यही पूरा अर्थ है।
यदि अर्थ केवल ‘पाँच मुख’ होता, तो यह द्विगु समास होता। पर इस शब्द से किसी की पाँच मुख वाली गिनती नहीं, बल्कि एक विशेष व्यक्ति का बोध होता है।

Step 3: तीसरा अर्थ पहचानिए।
‘पंचानन’ का अर्थ है – पाँच हैं आनन जिसके, अर्थात शिव
‘शिव’ शब्द न पहले पद में है, न दूसरे में। यही तीसरा अर्थ प्रधान है।

Step 4: भेद निश्चित कीजिए।
दोनों पदों को छोड़कर किसी अन्य अर्थ की प्रधानता है, इसलिए यह बहुव्रीहि समास है।

Final Answer: बहुव्रीहि समास – पंचानन अर्थात पाँच हैं आनन जिसके, वह शिव।
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