निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
हाथ में संजीवक की लतिवार ले जो उड़ रहा है,
जगत में मधुरिम, उपर सद्र प्रकार ले रहा है,
दीक्षा अभिमान जिसका, आज उपर मान कर लूँ।
उसमुख का गान कर लूँ।
दूसरा श्रम वह जिसका, जगत में मधुरस बनावा,
एक-ती उसकी वारि, सुखक ने भी धूप-छांव,
मनुष्य के दृश्ट तल, आकाश उसका आकार कर लूँ।
उसमुख का गान कर लूँ।
निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
(i) कविता में प्रमुख व्यक्तियों के नाम
(ii) कवि कृतक के लिए यह करना चाहता है
Step 1: कविता में प्रमुख व्यक्तियों के नाम
कविता में प्रमुख व्यक्तियों के नाम वह होते हैं जो कवि द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं, विचारों और प्रेरणाओं के साथ जुड़े होते हैं। इन पंक्तियों में, जो गान और संजीवक के नाम आते हैं, वे कविता के सार्थक तत्व हैं, जैसे 'हाथ में संजीवक' और 'उसमुख का गान'।
Step 2: कवि कृतक के लिए यह करना चाहता है
कवि के लिए कविता लिखने का उद्देश्य विचारों और संदेशों को प्रस्तुत करना होता है, और यहाँ कवि की इच्छा है कि वह अपने गान के माध्यम से जीवन के सर्वोत्तम पहलुओं का प्रचार करें। कविता में व्यक्त विचारों के अनुसार, कवि अपने गान द्वारा किसी भी प्रख्यात व्यक्ति या विचार का सम्मान करता है।
(i) उपर्युक्त पदांश से 'ता' प्रत्यय से दो शब्द लिखिए:
(ii) पदांश में आए दो संस्कृत शब्द लिखिए:
Step 1: 'ता' प्रत्यय से शब्द लिखना
'ता' प्रत्यय का प्रयोग किसी विशेषता या गुण को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के रूप में:
- मधुरता (मधुर से)
- सद्गति (सद्गत से)
Step 2: संस्कृत शब्दों की पहचान
पदांश में संस्कृत के शब्द जो आए हैं, वे हो सकते हैं:
- दीक्षा
- सद्गति
उपर्युक्त पदांश की प्रमुख चार पंक्तियों का सार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
Step 1: प्रमुख पंक्तियों का सार
पदांश में जीवन के संघर्ष, श्रम और सफलता के सिद्धांतों को प्रस्तुत किया गया है। शारीरिक श्रम के महत्व को बताया गया है, साथ ही यह भी कहा गया है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से गुजर कर ही व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुँच सकता है। इसे एक सकारात्मक दृष्टिकोण से दिखाया गया है, जिसमें आत्मविश्वास और कठिन श्रम से सफलता प्राप्त करने की बात की गई है।
Step 2: सारांश
इस कविता का सार यह है कि जीवन में सफलता और संतुलन प्राप्त करने के लिए कठिन श्रम, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। व्यक्ति अपने उद्देश्य को पाने के लिए आंतरिक और बाहरी संघर्षों से गुजरता है, लेकिन यही संघर्ष उसे सफलता की ओर अग्रसर करता है।
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुभव वर्णन कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में.....’ पाठ में विक्रमादित्य, भोज और मुँज आदि राजाओं का उल्लेख किस संदर्भ में आया है? स्पष्ट कीजिए।
‘तोड़ो’ कविता का कवि क्या तोड़ने की बात करता है और क्यों?
“इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर” पंक्ति के संदर्भ में बनारस शहर के ‘भरने’ और ‘खाली’ होने से क्या अभिप्राय है?
“मैंने निज दुर्बल पद-बल, उससे हारी होड़ लगाई” ‘देवसेना का गीत’ से उद्धृत इस पंक्ति से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
Study the entries in the following table and rewrite them by putting the connected items in the single row: 