यह कार्यात्मक परिभाषा (functional definition) है—मुद्रा की पहचान उसके कार्यों से होती है, न कि उसके भौतिक रूप से। हार्टले विदर्स के अनुसार जो वस्तु विनिमय का माध्यम, लेखा की इकाई, मूल्य का संचय और स्थगित भुगतान का मानक जैसे कार्य विश्वसनीय रूप से कर दे, वही मुद्रा है। इस परिभाषा का लाभ यह है कि इतिहास में सिक्का, कागज़ी नोट, बैंक जमा या डिजिटल बैलेंस—सभी को मुद्रा मानना संभव हो जाता है बशर्ते वे मुद्रा जैसे कार्य कर रहे हों।