निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए। (शब्द सीमा लगभग 100):
(a) आशय स्पष्ट करें : "मेरा धर्म कैदखाने का धर्म नहीं है !"
(b) व्याख्या करें : "बनकर शायद हंस मैं किसी किशोरी का; घुँघरु लाल पैरों में, तैरता रहूँगा बस दिन-दिन भर पानी में - गंध जहाँ होगी ही भरी, घास की !"
(a) आशय स्पष्ट करें:
यह पंक्ति स्वतंत्रता और मानवता के मूल्यों को प्रकट करती है। कवि कहना चाहता है कि उसका धर्म किसी प्रकार की कैद या बंधन में नहीं है। धर्म का अर्थ मनुष्य की आत्मा की स्वतंत्रता, समानता और न्याय से है, न कि संकीर्णता या कारावास से।
(b) व्याख्या करें:
इन पंक्तियों में कवि ने सौंदर्य और प्राकृतिक प्रेम को अभिव्यक्त किया है। यहाँ हंस का प्रतीक प्रयोग कर कवि ने जीवन की स्वतंत्रता और सौंदर्य का चित्रण किया है। हंस की तरह वह दिनभर जल में तैरना चाहता है, जहाँ चारों ओर घास की हरियाली और गंध भरी हो। इसमें जीवन की सहजता और प्राकृतिक आकर्षण की अभिव्यक्ति है।
Final Answer:
(a) कवि धर्म को स्वतंत्रता और न्याय से जोड़ते हैं, न कि कैदखाने से।
(b) कवि ने प्राकृतिक सौंदर्य और स्वतंत्र जीवन की अभिलाषा को हंस के माध्यम से प्रकट किया है।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
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'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।