चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में अणुओं के उस युग्म को पहचानने के लिए कहा गया है जो मध्यावयवी (metamers) हैं।
मध्यावयवियों की परिभाषा: मध्यावयवी वे समावयवी होते हैं जिनका आणविक सूत्र और प्रकार्यात्मक समूह समान होता है, लेकिन प्रकार्यात्मक समूह से जुड़े ऐल्किल या एरिल समूहों की प्रकृति में भिन्नता होती है। इस प्रकार की समावयवता आमतौर पर द्विसंयोजी परमाणु वाले अणुओं द्वारा दिखाई जाती है जैसे ऑक्सीजन (ईथर, एस्टर) या नाइट्रोजन (एमीन)।
चरण 2: प्रत्येक अणु युग्म का विश्लेषण:
(A) CH\(_3\)CH\(_2\)CH\(_2\)OH (प्रोपेन-1-ऑल) और CH\(_3\)-CH(OH)-CH\(_3\) (प्रोपेन-2-ऑल):
दोनों का आणविक सूत्र C\(_3\)H\(_8\)O है और प्रकार्यात्मक समूह (-OH) समान है। वे कार्बन श्रृंखला पर -OH समूह की स्थिति में भिन्न हैं। ये स्थान समावयवी हैं।
(B) CH\(_3\)OCH\(_2\)CH\(_2\)CH\(_3\) (1-मेथॉक्सीप्रोपेन) और CH\(_3\)CH\(_2\)OCH\(_2\)CH\(_3\) (एथॉक्सीएथेन):
दोनों का आणविक सूत्र C\(_4\)H\(_{10}\)O है और प्रकार्यात्मक समूह, ईथर (-O-), समान है।
• 1-मेथॉक्सीप्रोपेन में, ऑक्सीजन परमाणु से जुड़े ऐल्किल समूह मेथिल (-CH\(_3\)) और प्रोपिल (-CH\(_2\)CH\(_2\)CH\(_3\)) हैं।
• एथॉक्सीएथेन में, ऑक्सीजन परमाणु से जुड़े ऐल्किल समूह एथिल (-CH\(_2\)CH\(_3\)) और एथिल (-CH\(_2\)CH\(_3\)) हैं।
चूंकि ईथर प्रकार्यात्मक समूह के दोनों ओर के ऐल्किल समूह भिन्न हैं, इसलिए वे मध्यावयवी हैं।
(C) H\(_3\)C-C(=O)-CH\(_3\) (प्रोपेनोन) और H\(_3\)C-CH\(_2\)-C(=O)-H (प्रोपेनल):
दोनों का आणविक सूत्र C\(_3\)H\(_6\)O है, लेकिन उनके प्रकार्यात्मक समूह भिन्न हैं। प्रोपेनोन एक कीटोन (-CO-) है, और प्रोपेनल एक एल्डिहाइड (-CHO) है। ये प्रकार्यात्मक समावयवी हैं।
(D) CH\(_3\)CH\(_2\)CH\(_2\)CH\(_2\)CH\(_3\) (n-पेंटेन) और (CH\(_3\))\(_{2}\)CHCH\(_2\)CH\(_3\) (2-मेथिलब्यूटेन):
दोनों का आणविक सूत्र C\(_5\)H\(_{12}\) है। वे कार्बन श्रृंखला की व्यवस्था में भिन्न हैं (सीधी श्रृंखला बनाम शाखित श्रृंखला)। ये श्रृंखला समावयवी हैं।
चरण 3: अंतिम उत्तर:
विकल्प (B) में अणुओं का युग्म मध्यावयवियों की परिभाषा में फिट बैठता है। वे दोनों ईथर हैं लेकिन ऑक्सीजन परमाणु से जुड़े ऐल्किल समूह भिन्न हैं।