"मेरे बिना तुम प्रभु" शीर्षक कविता किसको संबोधित है ?'
'रोला' छन्द में कुल चरण होते हैं
'पीपर पात सरिस मन डोला' में अलंकार है
'निर्वेद' स्थायी भाव है
'दोहा' छन्द का ठीक उल्टा छन्द कौन-सा है ?
“आहुति-सी गिर पड़ी चिता पर, चमक उठी ज्वाला-सी" । उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?