'कवि सुमित्रानंदन पंत की दृष्टि में आज भारतमाता का तप-संयम क्यों सफल है? लिखें।'
सुमित्रानंदन पंत के अनुसार भारतमाता का तप-संयम आज इसलिए सफल है क्योंकि भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त कर अपनी पहचान और संस्कृति को पुनः स्थापित किया है। यह त्याग, धैर्य और संघर्ष का परिणाम है।
Final Answer:
भारतमाता का तप-संयम सफल है क्योंकि स्वतंत्रता के साथ ही उसकी साधना और संघर्ष ने फल दिया है।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति को स्पष्ट करते हुए लेखक पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को लिखिए। आप दोनों में से किसे महत्त्व देते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।