मानवाधिकार:
भेदभाव/हिंसा, सार्वजनिक संसाधनों से बहिष्कार, आत्मसम्मान पर चोट।
आर्थिक:
पेशा-निर्धारण से कौशल/उद्यमिता सीमित; गतिशीलता बाधित—उत्पादकता घटती।
लोकतांत्रिक:
नेटवर्क-आधारित कब्ज़ा, समान नागरिकता कमजोर।
नीतिगत उत्तर:
आरक्षण, छात्रवृत्ति, उद्यमिता/भूमि/क्रेडिट, कड़े अत्याचार-निवारण, सामाजिक सुधार अभियान और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएँ—दीर्घकालिक समाधान।