Comprehension

निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वालेविकल्प चु- नकर लिखिए :

गद्यांश : इतिहास में रावण का हाल तो पढ़ा ही होगा । उसके चरित्र से तुमने कौन–सा अंश ग्रहण किया ? या यँ ही पढ़ गए ? मात्र इ ू तिहास पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असली चीज़ है बुदधि् का विकास । जो कुछ पढ़ो, उसका अभिप्राय समझो । रावण मर्धू र्धन्य का स्वामी था । ऐसे राजाओं को चक्रवर्ती कहते हैं। आजकल अंग्रेजों के राज्य का विस्तार बहुत बढ़ा हुआ है, पर इन्हें चक्रवर्ती नहीं कह सकते । संसार में अनेक राष्ट्र अंग्रेजों का आधिपत्य स्वीकार नहीं करते, बिल्कुल स्वाधीन हैं। रावण चक्रवर्ती राजा था, संसार के सभी महिमाँ उसे कब देते थे । बड़े–बड़े देवता उसकी गुलामी करते थे । आग और पानी के देवता भी उसके दास थे, मगर उसका अंत क्या हुआ ? घमंड ने उसका नाम–निशान तक मिटा 11 दिया, कोई उसे एक घँट भर पानी देने वाला भी न बचा । आदमी और जो क ू ुकरम चाहे करे, पर अभिमान न करे, इतराए नहीं । अभिमान किया और दीन–दुनिया दोनों से गया ।

Question: 1

गद्यांश में रावण का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है?

Updated On: Feb 7, 2026
  • छोटे भाई को अभिमान के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए
  • रावण के दुखदायी और एकाकी अंत से परिचित कराने केलिए
  • रावण को अंग्रेजों से भी अधिक शक्तिशाली बताने केलिए
  • रावण के शक्तिशाली साम्राज्य से परिचित कराने केलिए
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

गद्यांश का उद्देश्य यह बताना है कि रावण का अंत इसलिए हुआ क्योंकि उसमें अभिमान था। लेखक यह स्पष्ट करते हैं कि शक्ति और साम्राज्य होते हुए भी रावण का अंत अकेलेपन और दुख में हुआ।
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Question: 2

रावण को चक्रवर्ती सम्राट कहे जाने का प्रमुख कारण है:

Updated On: Feb 7, 2026
  • बड़े–बड़े देवताओं को अपने नियंत्रण में रखना
  • सम्पर्णू र्णसंसार पर अपना आधिपत्य स्थापित करना
  • राजा–महाराजाओं से मनमाना कर वसल करना
  • अपने राज्य का विस्तार दर तक करना
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

गद्यांश में कहा गया है कि रावण चक्रवर्ती राजा था, और उसका राज्य सम्पूर्ण संसार तक फैला हुआ था। इसी कारण वह चक्रवर्ती सम्राट कहलाया।
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Question: 3

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही Solution चुनकर लिखिए:
कथन: इतिहास पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असली चीज़ है बुद्धि का विकास।
कारण: वास्तविक ज्ञान बौद्धिक ज्ञान है जो जीवन को सार्थक बनाता है।

Updated On: Feb 7, 2026
  • कथन और कारण दोनों गलत हैं।
  • कथन और कारण दोनों सही हैंऔर कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
  • कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
  • कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है ।
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

गद्यांश में बताया गया है कि इतिहास पढ़ना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बौद्धिक विकास है। कारण भी यही बात स्पष्ट करता है।
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Question: 4

कॉलम–I को कॉलम–II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए:

Updated On: Feb 7, 2026
  • 1–III, 2–II, 3–I
  • 1–I, 2–II, 3–III
  • 1–II, 2–III, 3–I
  • 1–II, 2–I, 3–III
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

1. नाम–निशान मिटा देना → अस्तित्व समाप्त करना
2. एक घूँट भर पानी न देना → थोड़ी भी सहायता न करना
3. दीन–दुनिया से जाना → कहीं का नहीं रहना
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Question: 5

गद्यांश के मूल भाव को व्यक्त करने वाला/वाले कथन है/हैं:
I. व्यक्ति को घमंड नहीं करना चाहिए।
II. शिक्षा प्राप्ति का उद्देश्य ज्ञान के साथ बौद्धिक विकास है।
III. देवताओं का अनादर नहीं करना चाहिए।
IV. किताबें पढ़कर ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।

Updated On: Feb 7, 2026
  • केवल IV
  • केवल II
  • I और II दोनों
  • I और IV दोनों
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

गद्यांश में दो प्रमुख बातें कही गई हैं – घमंड विनाश का कारण है, और केवल इतिहास पास करना पर्याप्त नहीं, शिक्षा का उद्देश्य बौद्धिक विकास है। ये दोनों बात I और II में व्यक्त हैं।
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