गद्यांश:
हमारी बहुत-सी समस्याएँ बिना विचार किए कार्य करने का परिणाम होती हैं। बिना विचार कार्य करने से हम सदा चिंतित एवं असफल होकर अपने जीवन को कष्टों से भर लेते हैं। अविवेचित कार्य करने से हम मन ही मन पछताते रहते हैं, किंतु उसका कोई लाभ नहीं होता। कभी-कभी ऐसे अविचारित कार्यों के दुष्परिणाम अत्यंत भयानक भी होते हैं।
किंतु दुःख की बात यह है कि मनुष्य बिना सोचे-समझे कार्य करने से पहले यह नहीं सोचता कि उसका परिणाम उसके लिए विनाशक भी हो सकता है। विचारपूर्वक कार्य करने वाला ही यह जान सकता है कि क्या कर्तव्य है और क्या अकर्तव्य।