Comprehension

निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए :

हमारे हरि हारिल की लकरी।
मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी।
जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जकरी।
सुनत जोग लागत है ऐसी, ज्यों करुई ककरी।
सु तो ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी।
यह तो 'सूर' तिनहिं लै सौंपौ, जिनके मन चकरी।।

Question: 1

गोपियों के अनुसार उद्धव द्वारा किन लोगों को योग की शिक्षा दी जानी चाहिए ?

Updated On: Feb 7, 2026
  • \( \text{जिनके मन में कृष्ण के प्रति भक्ति हो} \)
  • \( \text{जो योग के बारे में जानना चाहते हों} \)
  • \( \text{जो भक्ति मार्ग को हृदय से अपनाना चाहते हों} \)
  • \( \text{जिनका मन कृष्ण के प्रति स्थिर न हो} \)
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

गोपियों के अनुसार, उद्धव को योग की शिक्षा उन्हीं लोगों को देनी चाहिए जिनका मन कृष्ण के प्रति स्थिर न हो। इसका अर्थ यह है कि जो व्यक्ति भगवान कृष्ण की भक्ति में पूरी तरह से लीन नहीं हैं, उनका मन अस्थिर है और वे भटकाव का शिकार हो सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों के लिए योग और ध्यान के माध्यम से मन को एकाग्र करना आवश्यक होता है ताकि वे कृष्ण की भक्ति में स्थिर रह सकें।

गोपियाँ यह मानती हैं कि जो लोग पहले से ही कृष्ण के प्रति दृढ़ श्रद्धा और समर्पण रखते हैं, उनके लिए विशेष शिक्षा की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि उनका मन स्वयं ही प्रभु के प्रति केन्द्रित रहता है। लेकिन जिनका मन अनिश्चित और भ्रमित रहता है, उन्हें योग की शिक्षा देकर उनके हृदय को शांति और स्थिरता प्रदान की जा सकती है।

इस प्रकार, उद्धव को उन लोगों को योग की शिक्षा देनी चाहिए जिनका मन कृष्ण की भक्ति में स्थिर नहीं है, ताकि वे भक्ति और ध्यान के मार्ग पर आकर अपने मन को प्रभु के प्रति एकाग्र कर सकें। यह शिक्षा उन्हें आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति दोनों प्रदान करती है।

अतः सही उत्तर है: जिनका मन कृष्ण के प्रति स्थिर न हो।
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Question: 2

पद्यांश में व्याधि किसे बताया गया है ?

Updated On: Feb 7, 2026
  • \( \text{कृष्ण के मित्र उद्धव को} \)
  • \( \text{उद्धव के बताए योग को} \)
  • \( \text{कटुक स्वाद वाली ककड़ी को} \)
  • \( \text{कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम को} \)
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

पद्यांश में ‘व्याधि’ का अर्थ सामान्य रूप से बीमारी या रोग होता है, लेकिन यहाँ इसे विशेष रूप से उद्धव के बताए हुए योग के रूप में बताया गया है। इसका तात्पर्य यह है कि जो योग उद्धव द्वारा सिखाया गया है, वह उन लोगों के लिए ‘व्याधि’ समान है जो उसे स्वीकार नहीं करते या सुनते नहीं।

गोपियों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति उद्धव द्वारा दी गई शिक्षा या योग को नहीं अपनाता, तो वह अपने मन और आत्मा के लिए हानिकारक या बाधक सिद्ध होता है। यह ‘व्याधि’ मानसिक और आध्यात्मिक विकार का संकेत है, जो व्यक्ति को सही मार्ग से भटकाता है।

इसलिए, इस संदर्भ में ‘व्याधि’ का मतलब उद्धव के बताए हुए योग को नहीं मानने या न सुनने वाले के लिए है, जो उनके लिए एक तरह की बाधा या रोग की तरह है।

अतः सही उत्तर है: उद्धव के बताए योग को।
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Question: 3

दिए गए कथनों में से काव्यांश के संदर्भ में सही विकल्प का चयन कीजिए :

Updated On: Feb 7, 2026
  • \( \text{गोपियाँ दिन-रात कृष्ण का नाम का जप करती रहती हैं ।} \)
  • \( \text{गोपियाँ उद्धव को भी योग त्यागने की सलाह देती हैं ।} \)
  • \( \text{गोपियाँ उद्धव को भी भक्ति मार्ग अपनाने को कहती हैं ।} \)
  • \( \text{गोपियाँ कृष्ण से प्रेम करके बहुत पछता रही हैं ।} \)
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

इस काव्यांश के संदर्भ में सही विकल्प यह है कि गोपियाँ दिन-रात कृष्ण का नाम का जप करती रहती हैं।

पद्यांश में गोपियों के मन, क्रम और वचन की स्थिरता का उल्लेख है, जो दर्शाता है कि वे पूरी निष्ठा और भक्ति से भगवान कृष्ण का नाम जपती रहती हैं। उनका समर्पित और लगातार ध्यान कृष्ण के प्रति ही केंद्रित रहता है, जो उनकी गहन भक्ति और आध्यात्मिक स्थिरता को दर्शाता है।

यह भक्ति इतनी गहरी है कि वे जगत के सोने, स्वप्न और जागने की दशा में भी कृष्ण का नाम उच्चारित करती हैं। इस प्रकार, काव्यांश में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि गोपियाँ निरंतर और सदा कृष्ण के नाम का जप करती रहती हैं।

अतः सही उत्तर है: गोपियाँ दिन-रात कृष्ण का नाम का जप करती रहती हैं।
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Question: 4

कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए: 
कथन : गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपने अगाध प्रेम के कारण भ्रमित थीं । 
कारण : प्रेम और विश्वास की गहराई से व्यक्ति में सूझ-बूझ की कमी हो जाती है ।

Updated On: Feb 7, 2026
  • \( \text{कथन गलत है किंतु कारण सही है ।} \)
  • \( \text{कथन और कारण दोनों गलत हैं ।} \)
  • \( \text{कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है ।} \)
  • \( \text{कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है ।} \)
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

गोपियों के कृष्ण के प्रति अगाध प्रेम के कारण वे भ्रमित नहीं थीं, बल्कि उनका प्रेम और भक्ति अत्यंत स्पष्ट और गहरी थी। इसलिए, कथन कि गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपने प्रेम के कारण भ्रमित थीं, गलत है।

लेकिन कारण कि प्रेम और विश्वास की गहराई से व्यक्ति में सूझ-बूझ की कमी हो जाती है, यह सही हो सकता है क्योंकि अत्यधिक भावनात्मक लगाव कभी-कभी सोचने-समझने की क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है।

इस प्रकार, कथन गलत है किंतु कारण सही है।

अतः सही उत्तर है: कथन गलत है किंतु कारण सही है।
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