चरण 1: पृष्ठभूमि।
पूर्वोत्तर भारत के ग़ारो हिल्स क्षेत्र में रहने वाली हाजोंग जनजाति ब्रिटिश काल और बाद के वर्षों में जमींदारों/ठेकेदारों द्वारा लिए जाने वाले ऊँचे लगान, बेगार और अवैध उपकरों से त्रस्त थी। खेती वर्षा-आधारित होने और नक़दी की कमी के कारण किसान कर्ज़ के चक्र में फँसते थे।
चरण 2: आंदोलन का स्वरूप।
किसानों ने सामूहिक रूप से लगान में कमी, बेगार की समाप्ति, मनमाने वसूली पर रोक तथा न्यायपूर्ण पट्टों की माँग उठाई। यह आंदोलन अहिंसक, संगठित और आर्थिक अधिकारों पर केंद्रित था—मंदिर-व्यवस्था, सामान्य हिंसा या नेताओं की गिरफ्तारी इसका लक्ष्य नहीं था।
निष्कर्ष।
हाजोंग किसानों का केंद्रीय उद्देश्य अत्यधिक लगान घटवाना और शोषक प्रथाओं को रोकना था; इसलिए सही विकल्प (1) है।