गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उत्तर का चयन कीजिए। पण्डितमदनमोहनमालवीयस्य जन्म एकह्युत्तारशताष्टादशशताब्दे दिसम्बरमासस्य पञ्चविंशतितमे दिने (25.12.1861) तिथियाम प्रयागे अभवत्। अस्य जनकः पण्डितब्रजनाथचतुर्वेदः। संस्कृतभाषायाः विश्रुतः विद्वानासीद्।
Question: 1
उक्त गद्यांशस्य शीर्षक: अस्ति :
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गद्यांश आधारित प्रश्नों में, शीर्षक का पता लगाने के लिए गद्यांश की पहली कुछ पंक्तियों को ध्यान से पढ़ें। अक्सर मुख्य विषय का उल्लेख शुरुआत में ही कर दिया जाता है।
Step 1: Understanding the Question:
दिए गए संस्कृत गद्यांश को पढ़कर उसका उपयुक्त शीर्षक पहचानना है। Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश में लिखा है: "पण्डितमदनमोहनमालवीयस्य जन्म ... तीर्थराज प्रयागे अभवत्।" (पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म ... तीर्थराज प्रयाग में हुआ।)।
चूँकि गद्यांश का विषय पंडित मदन मोहन मालवीय के जन्म और उनके पिता के बारे में है, इसलिए इसका सबसे उपयुक्त शीर्षक 'मदनमोहन मालवीयः' होगा।
अतः, विकल्प (C) सही है।
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Question: 2
मदनमोहनमालवीयस्य जन्म कुत्र अभवत् ?
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संस्कृत में प्रश्नवाचक शब्दों जैसे कुत्र (कहाँ), कदा (कब), किम् (क्या), कः (कौन) के अर्थ को समझें। इससे आपको प्रश्न समझने और गद्यांश में सही उत्तर ढूंढने में आसानी होगी।
Step 1: Understanding the Question:
गद्यांश के आधार पर मदन मोहन मालवीय के जन्म स्थान का पता लगाना है। Step 2: Detailed Explanation:
गद्यांश की पहली पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा है: "पण्डितमदनमोहनमालवीयस्य जन्म ... तीर्थराज प्रयागे अभवत्।" (पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म ... तीर्थराज प्रयाग में हुआ।)।
'कुत्र' का अर्थ होता है 'कहाँ'।
अतः, उनका जन्म प्रयाग में हुआ था।
विकल्प (B) सही है।