चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न पूछता है कि क्लोरोफॉर्म (CHCl\(_3\)) और एसीटोन (CH\(_3\)COCH\(_3\)) का मिश्रण राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन क्यों प्रदर्शित करता है।
चरण 2: राउल्ट के नियम से विचलन को समझना:
राउल्ट का नियम आदर्श विलयनों के व्यवहार का वर्णन करता है। विचलन तब होता है जब विलयन में अंतर-आणविक आकर्षण बल शुद्ध घटकों में उन बलों से भिन्न होते हैं।
• धनात्मक विचलन: तब होता है जब नए विलेय-विलायक (A-B) अंतःक्रियाएं शुद्ध घटक (A-A और B-B) अंतःक्रियाओं की तुलना में कमजोर होती हैं। इससे अनुमान से अधिक वाष्प दाब होता है।
• ऋणात्मक विचलन: तब होता है जब नए विलेय-विलायक (A-B) अंतःक्रियाएं शुद्ध घटक (A-A और B-B) अंतःक्रियाओं की तुलना में मजबूत होती हैं। इससे अनुमान से कम वाष्प दाब होता है।
चरण 3: क्लोरोफॉर्म-एसीटोन मिश्रण का विश्लेषण:
• शुद्ध क्लोरोफॉर्म (CHCl\(_3\)): मुख्य अंतर-आणविक बल द्विध्रुव-द्विध्रुव अंतःक्रियाएं हैं।
• शुद्ध एसीटोन (CH\(_3\)COCH\(_3\)): मुख्य अंतर-आणविक बल भी द्विध्रुव-द्विध्रुव अंतःक्रियाएं हैं।
• क्लोरोफॉर्म और एसीटोन का मिश्रण: जब मिलाया जाता है, तो एक नई, विशिष्ट अंतःक्रिया होती है। क्लोरोफॉर्म में हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय होता है (तीन क्लोरीन परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन-आकर्षी प्रभाव के कारण)। एसीटोन में ऑक्सीजन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनों के एकाकी युग्म होते हैं और यह एक हाइड्रोजन बंध स्वीकर्ता है। इससे क्लोरोफॉर्म और एसीटोन अणुओं के बीच एक हाइड्रोजन बंध का निर्माण होता है।
\[ \text{Cl}_3\text{C-H} \cdot\cdot\cdot \text{O=C(CH}_3)_2 \]
एक हाइड्रोजन बंध शुद्ध द्रवों में मौजूद द्विध्रुव-द्विध्रुव अंतःक्रियाओं की तुलना में काफी मजबूत होता है। क्योंकि नई A-B अंतःक्रियाएं मूल A-A और B-B अंतःक्रियाओं से मजबूत होती हैं, अणु विलयन में अधिक मजबूती से एक साथ बंधे रहते हैं। यह वाष्प चरण में उनके पलायन की प्रवृत्ति को कम कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप एक आदर्श विलयन के लिए अपेक्षित वाष्प दाब से कम वाष्प दाब होता है, जो ऋणात्मक विचलन की परिभाषा है।
चरण 4: विकल्पों का मूल्यांकन:
(A) एसीटोन और क्लोरोफॉर्म के बीच हाइड्रोजन आबंधन का बनना: यह मजबूत A-B अंतःक्रियाओं के लिए सही स्पष्टीकरण है जो ऋणात्मक विचलन की ओर ले जाता है।
(B) अणुओं की पलायन प्रवृत्ति में वृद्धि: इससे धनात्मक विचलन होगा।
(C) क्लोरोफॉर्म और एसीटोन अणुओं के बीच बलों की तुलना में क्लोरोफॉर्म अणुओं के बीच मजबूत अंतर-आणविक बल: इससे भी धनात्मक विचलन होगा।
(D) प्रतिकर्षण बल: इससे एक बहुत बड़ा धनात्मक विचलन या अमिश्रणीयता होगी, न कि ऋणात्मक विचलन वाला एक स्थिर विलयन।
चरण 5: अंतिम उत्तर:
क्लोरोफॉर्म और एसीटोन अणुओं के बीच हाइड्रोजन बंधों का निर्माण राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन का कारण है। इस प्रकार, विकल्प (A) सही है।