Comprehension

चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, 
चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, 
चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ, 
चाह नहीं देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ, 
मुझे तोड़ लेना बनमाली, 
उस पथ में देना तुम फेंक। 
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, 
जिस पथ जावें वीर अनेक। 
 

Question: 1

उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।

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माखनलाल चतुर्वेदी को "एक भारतीय आत्मा" (A Indian Soul) उपनाम से भी जाना जाता है।
Updated On: Feb 19, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह पद्यांश राष्ट्रीय चेतना के सुप्रसिद्ध कवि की रचना की पहचान से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
प्रस्तुत पंक्तियाँ 'एक भारतीय आत्मा' के नाम से प्रसिद्ध कवि 'माखनलाल चतुर्वेदी' द्वारा रचित 'पुष्प की अभिलाषा' कविता से ली गई हैं।
यह कविता उनके काव्य संग्रह 'युग-चरण' में संकलित है।
Step 3: Final Answer:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के 'पुष्प की अभिलाषा' नामक शीर्षक से लिया गया है, जिसके रचयिता माखनलाल चतुर्वेदी हैं।
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Question: 2

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए। (रेखांकित अंश: मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ में देना तुम फेंक। मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जावें वीर अनेक।)

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इस व्याख्या में "त्याग" और "देशभक्ति" के भाव को प्रमुखता से लिखना चाहिए।
Updated On: Feb 19, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह व्याख्या फूल के माध्यम से व्यक्त किए गए देशप्रेम और त्याग के भाव को स्पष्ट करती है।
Step 2: Detailed Explanation:
फूल माली से प्रार्थना करता है कि उसे न तो सम्राटों के शवों पर चढ़ना है और न ही देवताओं की मूर्तियों पर।
उसकी एकमात्र इच्छा है कि माली उसे तोड़कर उस रास्ते पर बिखेर दे,
जिस रास्ते से होकर देश के वीर सिपाही मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने जाते हैं।
फूल वीर सैनिकों के पैरों के नीचे आकर भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस करना चाहता है।
Step 3: Final Answer:
फूल ने देश के वीरों के चरणों की धूल बनने को अपना सर्वोच्च सम्मान माना है।
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Question: 3

उपर्युक्त अवतरण में पुष्प किसका प्रतीक है? पुष्प को किन चीजों की चाह नहीं है, और क्यों?

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पुष्प का त्याग भारतीय जनमानस की नि:स्वार्थ सेवा भावना को दर्शाता है।
Updated On: Feb 19, 2026
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Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न पद्यांश के प्रतीकार्थ और उसके केन्द्रीय भाव को समझने पर आधारित है।
Step 2: Detailed Explanation:
यहाँ पुष्प एक सच्चे देशभक्त और बलिदान का प्रतीक है।
पुष्प को अप्सराओं के गहनों, प्रेमियों की मालाओं, राजाओं के मृत शरीरों या देवताओं के मस्तक पर चढ़ने की चाह नहीं है।
इसका कारण यह है कि ये सभी भोग-विलास और व्यक्तिगत मान-सम्मान की वस्तुएँ हैं।
पुष्प की दृष्टि में मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का सम्मान इन सबसे कहीं ऊँचा है।
Step 3: Final Answer:
पुष्प भौतिक सुखों की जगह वीरों के सम्मान को प्राथमिकता देता है।
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