सामान्य मात्रात्मक उपकरण: नीति दरें—रेपो, रिवर्स‑रेपो, बैंक रेट; तरलता साधन—CRR, SLR; खुले बाजार परिचालन और तरलता समायोजन सुविधा/मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी। चयनात्मक उपकरण: ऋण सीमांकन, मार्जिन आवश्यकताएँ, उपभोक्ता ऋण विनियम, प्राथमिकता क्षेत्र निर्देश, नैतिक अनुनय और प्रत्यक्ष निर्देश। इनके द्वारा RBI मुद्रा‑आपूर्ति, क्रेडिट लागत व उपलब्धता, यील्ड कर्व और अपेक्षाओं पर प्रभाव डालता है। स्फीति पर नीति सख्त, मंदी में ढीली रखी जाती है; विदेशी मुद्रा प्रबंधन और भुगतान प्रणाली के माध्यम से संप्रेषण मजबूत किया जाता है।
% Topic - monetary policy instruments (RBI)