आर्थिक उदारीकरण (1991) के साथ नरसिंहम समिति की सिफारिशों पर भारत में बैंकिंग/वित्तीय क्षेत्र सुधार आरम्भ हुए—NPAs पर नियम, पूँजी पर्याप्तता, प्रतिस्पर्धा, नियमन‑ढाँचा आदि। 1969 राष्ट्रीयकरण का वर्ष है; पर sectoral reforms का आरम्भ 1991 से माना जाता है।