भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों? 'भारत से हम क्या सीखें' शीर्षक पाठ के आधार पर लिखें।
भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता नई पीढ़ी और समाज के सभी वर्गों के लिए है। इसका कारण यह है कि भारत विविधताओं में एकता, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। यदि हम अपनी पहचान और संस्कृति को समझेंगे तो आधुनिकता में भी अपने मूल्यों को सुरक्षित रख पाएंगे।
Final Answer:
भारत की पहचान समझने वाली दृष्टि नई पीढ़ी और समाज के लिए आवश्यक है, क्योंकि यही हमें संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखती है।
'स्वरों के उच्चारण में लगनेवाले समय के आधार पर स्वर वर्ण के कितने भेद होते हैं?'
'च' का उच्चारण स्थान क्या है?'
'निम्नलिखित में अंतःस्थ व्यंजन कौन है?'
‘एकाक्षरिक स्वर’ निम्न में से कौन है?'
‘मुक्ताक्षर’ की अंतिम ध्वनि क्या होती है?'
'लेखक हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने दयनीय जीव किसे कहा है ?'
'चन्द्रगुप्त (द्वितीय) विक्रमादित्य का व्यक्तिगतरूप नाम क्या था ?'
'कर्नाटक प्रदेश का श्रवणबेलगोला स्थान किसका प्रसिद्ध तीर्थस्थल है ?'
'धारा नगरी का कौन शासक अपने विद्यानुराग के लिए इतिहास में प्रसिद्ध है ?'
'गुरु नानक की रचनाओं का संग्रह किसने किया ?'