भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों? 'भारत से हम क्या सीखें' शीर्षक पाठ के आधार पर लिखें।
भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता नई पीढ़ी और समाज के सभी वर्गों के लिए है। इसका कारण यह है कि भारत विविधताओं में एकता, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। यदि हम अपनी पहचान और संस्कृति को समझेंगे तो आधुनिकता में भी अपने मूल्यों को सुरक्षित रख पाएंगे।
Final Answer:
भारत की पहचान समझने वाली दृष्टि नई पीढ़ी और समाज के लिए आवश्यक है, क्योंकि यही हमें संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखती है।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति को स्पष्ट करते हुए लेखक पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को लिखिए। आप दोनों में से किसे महत्त्व देते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।