'ऐसे शब्द, जो योगिक तो होते हैं, पर अर्थ के विचार से अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी परंपरा से विशेष अर्थ के परिचायक हैं, क्या कहलाते हैं ?'
जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं
पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है
नवरत्न' में समास है