Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न उपमा अलंकार के लक्षण को सही क्रम में व्यवस्थित करने से संबंधित है।
Step 2: Detailed Explanation:
आचार्य मम्मट द्वारा काव्यप्रकाश में दिया गया उपमा अलंकार का लक्षण है:
"साधर्म्यमुपमा भेदे" और विश्वनाथ द्वारा साहित्यदर्पण में दिया गया लक्षण है:
"साम्यं वाच्यमवैधर्म्यं वाक्यैक्ये उपमा द्वयोः।"
प्रश्न में दिए गए खंड विश्वनाथ के लक्षण से हैं। आइए इसे सही क्रम में व्यवस्थित करें:
साम्यम् \rightarrow (C)
वाच्यमवैधर्म्यम् \rightarrow (E)
वाक्यैक्य \rightarrow (B)
उपमा \rightarrow (A)
द्वयोः \rightarrow (D)
इस प्रकार, सही क्रम C, E, B, A, D बनता है।
लक्षण का अर्थ: दो वस्तुओं (उपमेय और उपमान) में, वैधर्म्य (अंतर) के होते हुए भी, जब समानता (साम्य) को स्पष्ट रूप से (वाच्य) एक ही वाक्य में कहा जाए, तो वह उपमा अलंकार होता है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही क्रम (C), (E), (B), (A), (D) है, जो विकल्प (1) में दिया गया है।