Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न तंत्रिका-पेशीय संगम (neuromuscular junction) पर एसिटिलकोलीन (ACh) के मुक्त होने के उपरांत पेशी संकुचन (muscle contraction) की घटनाओं के क्रम से संबंधित है।
हमें संकुचन के दौरान होने वाली भौतिक और रासायनिक कड़ियों के सही क्रम की पहचान करनी है।
Step 2: Key Formula or Approach:
पेशी संकुचन की क्रियाविधि (Sliding Filament Theory) के अनुसार घटनाओं का अनुक्रम इस प्रकार है:
1. तंत्रिका संवेग $\rightarrow$ एसिटिलकोलीन का स्राव $\rightarrow$ सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम से सार्कोप्लाज्म में \(Ca^{2+}\) का मुक्त होना।
2. \(Ca^{2+}\) का ट्रोपोनिन से जुड़ना $\rightarrow$ एक्टिन फिलामेंट पर मायोसिन बंधन स्थलों का खुलना।
3. मायोसिन का एक्टिन से जुड़कर क्रॉस-ब्रिज बनाना $\rightarrow$ सार्कोमियर का छोटा होना जिससे 'Z' रेखाएं अंदर की ओर खिंचती हैं।
Step 3: Detailed Explanation:
• सार्कोप्लाज्म में \(Ca^{2+}\) की वृद्धि: जब एसिटिलकोलीन सार्कोलेमा पर क्रिया विभव उत्पन्न करता है, तो यह सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम से कैल्शियम आयनों (\(Ca^{2+}\)) को सार्कोप्लाज्म में मुक्त करता है।
• सक्रिय स्थानों का खुलना: मुक्त हुए कैल्शियम आयन एक्टिन पर उपस्थित ट्रोपोनिन से जुड़ते हैं, जिससे ट्रोपोमायोसिन अपनी स्थिति से हट जाता है और मायोसिन के जुड़ने के लिए सक्रिय स्थान खुल जाते हैं।
• 'Z' रेखा का अंदर खिंचना: मायोसिन सिर एक्टिन से जुड़कर उसे सार्कोमियर के केंद्र की ओर खींचता है। इसके परिणामस्वरूप सार्कोमियर छोटा हो जाता है और 'Z' रेखाएं अंदर की तरफ खिंच जाती हैं, जिससे पेशी संकुचन होता है।
यह क्रमिक व्यवस्था केवल विकल्प (A) में दी गई है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है जो पेशी संकुचन की घटनाओं के सही क्रम को दर्शाता है।