Step 1: Understanding the Question:
इस प्रश्न में हमें द्विबीजपत्री (dicot) तथा एकबीजपत्री (monocot) पौधों के तनों और जड़ों में पाए जाने वाले संवहनी बंडलों (vascular bundles) के प्रकारों और व्यवस्था का सही मिलान करना है।
Step 2: Key Formula or Approach:
विभिन्न पादप अंगों में संवहनी बंडलों की पहचान करने के लिए निम्नलिखित नियमों का उपयोग करें:
1. जड़ों (Roots) में हमेशा संवहनी बंडल अरीय (radial) प्रकार के होते हैं।
2. तनों (Stems) में हमेशा संवहनी बंडल संयुक्त (conjoint) प्रकार के होते हैं।
3. एकबीजपत्री पौधों में कैम्बियम की अनुपस्थिति के कारण संवहनी बंडल बंद (closed) होते हैं, जबकि द्विबीजपत्री में कैम्बियम उपस्थित होने के कारण वे खुले (open) होते हैं।
Step 3: Detailed Explanation:
• P. द्विबीजपत्री मूल (Dicot root): इनमें संवहनी बंडल अरीय (radial) होते हैं, और आदिदारुक (protoxylem) की संख्या द्वि-आदिदारुक से चतुर-आदिदारुक (diarch to tetrarch) होती है। विकास की प्रारंभिक अवस्था में ये बंद होते हैं परंतु बाद में इनमें द्वितीयक वृद्धि के लिए कैम्बियम बनता है, जिससे इन्हें खुला भी माना जाता है। यह विकल्प (i) से मेल खाता है।
• Q. द्विबीजपत्री तना (Dicot stem): इनमें संवहनी बंडल छल्ले (ring) के रूप में व्यवस्थित होते हैं, संयुक्त (conjoint) और कैम्बियम की उपस्थिति के कारण खुले (open) होते हैं। यह विकल्प (ii) से मेल खाता है।
• R. एकबीजपत्री मूल (Monocot root): इनमें संवहनी बंडल अरीय (radial) होते हैं, बंद (closed) होते हैं और जाइलम बंडलों की संख्या बहुत अधिक (polyarch या बहु-आदिदारुक) होती है। यह विकल्प (iii) से मेल खाता है।
• S. एकबीजपत्री तना (Monocot stem): इनमें संवहनी बंडल भरण ऊतक में बिखरे हुए (scattered) होते हैं, संयुक्त (conjoint) और बंद (closed) होते हैं। यह विकल्प (iv) से मेल खाता है।
अतः, सही मिलान P - (i); Q - (ii); R - (iii); S - (iv) है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि यह सभी अंगों के संवहनी तंत्रों का पूर्णतः सही वैज्ञानिक मिलान प्रस्तुत करता है।