Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न अंतःअणुक कैनिजारो अभिक्रिया (Intramolecular Cannizzaro Reaction) और उसके बाद होने वाले अम्लीय लैक्टोनीकरण (lactonization) पर आधारित है।
हमें दिए गए ड्यूटेरियम-प्रतिस्थापित थैलालडिहाइड की विभिन्न रासायनिक रूपांतरणों द्वारा बनने वाले मुख्य उत्पादों X और P की पहचान करनी है।
Step 2: Detailed Explanation:
• चरण 1 (कैनिजारो अभिक्रिया द्वारा X का निर्माण): जब सांद्र NaOH और ऊष्मा का उपयोग किया जाता है, तो थैलालडिहाइड के दोनों एल्डिहाइड समूहों में से एक का ऑक्सीकरण कार्बोक्सिलेट लवण (-COONa) में होता है और दूसरे का अपचयन अल्कोहल समूह में होता है।
• चूँकि नीचे वाले एल्डिहाइड समूह पर ड्यूटेरियम (-CDO) उपस्थित है, इसलिए हाइड्राइड/ड्यूटेराइड स्थानांतरण के बाद हमें नीचे की ओर अल्कोहल समूह \(-CH(OH)D\) और ऊपर की ओर \(-COONa\) समूह प्राप्त होता है। यह संरचना X है।
• चरण 2 (लैक्टोनीकरण द्वारा P का निर्माण): जब X को आधिक्य HCl गैस के साथ उपचारित किया जाता है, तो सबसे पहले कार्बोक्सिलेट लवण \(-COONa\) प्रोटॉन ग्रहण कर कार्बोक्सिलिक अम्ल \(-COOH\) में परिवर्तित हो जाता है।
• तत्पश्चात, पास-पास स्थित एसिड और अल्कोहल समूहों के बीच स्वतः निर्जलीकरण (esterification) होता, जिससे चक्रीय एस्टर (लैक्टोन) P का निर्माण होता है।
• इस लैक्टोन P में ऊपर की ओर कार्बोनिल समूह (\(C=O\)) और नीचे की ओर ड्यूटेरियम युक्त मेथिलीन समूह (\(CHD\)) उपस्थित होता है।
यह संपूर्ण प्रक्रम विकल्प (a) में दिखाए गए उत्पादों के बिल्कुल अनुकूल है।
Step 3: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि यह कैनिजारो और लैक्टोनीकरण के बाद बनने वाले सही उत्पादों को दर्शाता है।